| सावन का पावन महीना – जब प्रकृति हरियाली ओढ़ती है और आत्मा शिव में लीन होती है। |
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सावन सिर्फ धार्मिक या पौराणिक दृष्टिकोण से ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी बेहद अहम होता है? इस दौरान खानपान, जीवनशैली और ध्यान में छोटे-छोटे बदलाव करके हम न केवल आत्मिक संतुलन, बल्कि शारीरिक ऊर्जा भी प्राप्त कर सकते हैं।
इस लेख में आप जानेंगे:
👉 सावन व्रत का गहरा महत्व
👉 इस महीने क्या खाएं और किन चीज़ों से परहेज करें
👉 कुछ सरल लेकिन स्वादिष्ट फलाहारी रेसिपी
👉 आयुर्वेद के अनुसार सावन में शरीर की देखभाल कैसे करें
👉 और विशेषकर महिलाओं के लिए जरूरी सावधानियां
तो आइए, इस सावन को सिर्फ व्रत-पूजा तक सीमित न रखें, बल्कि इसे बनाएं एक संपूर्ण शुद्धिकरण यात्रा – तन, मन और आत्मा की।
🔱1. सावन व्रत का महत्व – जब आस्था और विज्ञान मिलते हैं
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| सावन में भक्त शिवलिंग पर जल चढ़ाकर व्रत व महामृत्युंजय मंत्र से शिव की आराधना करते हैं, जो आत्मिक शांति और ऊर्जा देता है। |
enerसावन का महीना भगवान शिव की भक्ति के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु शिवलिंग पर जल अर्पित करते हैं, व्रत रखते हैं और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते हैं। इससे मन को शांति और स्थिरता मिलती है।
लेकिन इसका महत्व सिर्फ धार्मिक नहीं है। विज्ञान भी मानता है कि बरसात के मौसम में हमारी पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है। ऐसे समय व्रत करने से शरीर को डिटॉक्स करने का मौका मिलता है – यानी शरीर के विषैले तत्व बाहर निकलते हैं और पाचन तंत्र को आराम मिलता है।
साथ ही, जब हम संयम से खाते हैं और नियमित पूजा व ध्यान करते हैं, तो मन भी शांत होता है, एकाग्रता बढ़ती है और तनाव कम होता है।
इस तरह सावन व्रत न केवल एक धार्मिक परंपरा है, बल्कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी एक संजीवनी है।
🍎2. सावन में क्या खाएं? जानिए हेल्दी फलाहारी विकल्प!
सावन व्रत में एनर्जी और सेहत दोनों जरूरी है। खाएं –
✔️ साबूदाना, कुट्टू/सिंघाड़ा आटा
✔️ लौकी, आलू, फल, दही
✔️ मूंगफली और ड्राई फ्रूट्स
ये सब न सिर्फ सुपाच्य हैं, बल्कि शरीर को ठंडक और ऊर्जा भी देते हैं।
📖 पूरी जानकारी पढ़ें 👉 Read More
🥗 3. दो आसान और हेल्दी फलाहारी रेसिपी – स्वाद भी, सेहत भी!
व्रत के दिनों में जब कुछ हल्का, पौष्टिक और स्वादिष्ट खाने का मन करे, तो ये दो फलाहारी रेसिपी ज़रूर आज़माएं – बनाने में आसान और सेहत से भरपूर:
🍴 1. लौकी का हलवा – मीठा और सेहतमंद
सामग्री: लौकी (कद्दूकस की हुई), दूध, देसी घी, गुड़ या मिश्री, इलायची पाउडर
विधि:
लौकी को घी में हल्का भून लें, फिर उसमें दूध डालकर पकाएं। जब दूध गाढ़ा हो जाए, तब गुड़ या मिश्री मिलाएं और हलवा गाढ़ा होने तक पकाएं। अंत में इलायची पाउडर डालें।
👉 यह हलवा न सिर्फ स्वाद में लाजवाब है, बल्कि पचने में आसान और ऊर्जा से भरपूर भी है।
🍴 2. ताजगी भरी फल चाट – झटपट और हेल्दी
सामग्री: केला, सेब, अंगूर, अनार के दाने, सेंधा नमक, नींबू का रस
विधि:
सभी फलों को छोटे टुकड़ों में काट लें। उसमें सेंधा नमक और नींबू का रस मिलाएं। ठंडा कर के परोसें।
👉 यह चाट विटामिन, फाइबर और ताजगी से भरपूर होती है – व्रत में मन और शरीर दोनों को तरोताज़ा कर देती है।
🚫 4. सावन में क्या न खाएं – कुछ जरूरी परहेज
व्रत का मकसद सिर्फ भोजन त्यागना नहीं, बल्कि शरीर को हल्का और शुद्ध बनाना भी होता है। इसलिए कुछ चीज़ों से दूरी बनाना बेहद जरूरी है:
- ❌ तला-भुना और मसालेदार खाना – ये पेट पर बोझ डालते हैं और पाचन बिगाड़ सकते हैं।
- ❌ लहसुन और प्याज – फलाहारी भोजन में इनका त्याग सामान्य रूप से किया जाता है क्योंकि ये तामसिक माने जाते हैं।
- ❌ गेहूं और चावल – उपवास में अक्सर इनकी जगह कुट्टू या सिंघाड़ा आटा लिया जाता है क्योंकि ये हल्के और फलाहारी होते हैं।
- ❌ पैक्ड और प्रोसेस्ड फूड – बाजार से मिलने वाले चिप्स, नमकीन या तैयार डिशेस में छिपा नमक, प्रिज़र्वेटिव और तेल स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
- ❌ कैफीन युक्त पेय – जैसे कोल्ड ड्रिंक या कॉफी, जो शरीर को डिहाइड्रेट करते हैं।
🔔 क्यों ज़रूरी है परहेज?
क्योंकि इन चीज़ों से न केवल पेट भारी होता है, बल्कि शरीर भी सुस्त और आलसी महसूस करता है – जिससे व्रत का लाभ अधूरा रह जाता है।
🌿 सावन में आयुर्वेदिक सुझाव
- 🧪 गिलोय का काढ़ा: इम्यूनिटी बढ़ाता है और मौसमी बीमारियों से रक्षा करता है।
- 🌱 तुलसी की पत्तियां: संक्रमण और वायरल बुखार से बचाव में मदद करती हैं।
- ⚖️ त्रिफला चूर्ण: पाचन तंत्र को संतुलित रखता है और पेट की सफाई करता है।
- 🍯 शहद और अदरक: सर्दी-खांसी में राहत देने वाला प्राकृतिक उपाय।
- 🛁 नीम से स्नान: त्वचा संबंधी समस्याओं से बचाने में सहायक।
💡 DevaCare टिप: इन नुस्खों को अपनाने से पहले अपनी शरीर प्रकृति और जरूरत अनुसार प्रयोग करें।













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